इस सप्ताहांत - हम तुम
इस सप्ताहांत , फिल्म देखी गई - 'हम तुम'। चलचित्र कुछ नयापन लिए हुए है, वास्तव में, मैं इसे दुबारा देख रहा था (इससे कोई ये अर्थ ना लगाए कि पहली बार मुझे फिल्म समझने में कोई दिक्कत हुई थी)। हाल ही के कई चलचित्रों की तरह इसमें हिंसा की अतिशयोक्ति भी नहीं है, और ना ही कोई उबाऊ 'फैमिली ड्रामा' । फिल्म में अजीब सी ताज़गी है और कुछ नये विषयों को छुने का साहस भी किया गया है जो प्रशंसनीय है। इसमें उन लोगों के बारे में भी कहने का प्रयास किया गया है, जो अपने 'करीयर' में कहीं इतना उलझ जाते है कि अपने परिवार की अवहेलना भी कर जाते है। लेकिन, उम्र के किसी मोड पर उन्हें अपनी इस भुल का एहसास हुए बिना नहीं रहता...

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