tag:blogger.com,1999:blog-7363067.post108901888657979090..comments2007-04-16T22:53:46.017+05:30Comments on नीरवता: पार्टी की जान...Niravhttp://www.blogger.com/profile/14228479813276948484noreply@blogger.comBlogger6125tag:blogger.com,1999:blog-7363067.post-1126640069564460822005-09-14T01:04:00.000+05:302005-09-14T01:04:00.000+05:30Achchhi baat hai.. achchha laga ye jaan kar ki blo...Achchhi baat hai.. achchha laga ye jaan kar ki blogs hindi me bhi likhe jaane lage hain.. pahli baar dekha aur bahut achchhi anubhuti hui hai. Abhi parikshaye chal rahi hain. kuchh dino ke baad dekhunga aur kuchh likhunga bhi<BR/>dhanyawadकुमार मानवेन्द्रhttp://www.blogger.com/profile/01274340293135714153noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-7363067.post-1090958372168314562004-07-28T01:29:00.001+05:302004-07-28T01:29:00.001+05:30भाई नीरव जी आप तो गद्य लेखन में भी धाकड़ हैं| दिल क...भाई नीरव जी<br />आप तो गद्य लेखन में भी धाकड़ हैं| दिल की बात कहूँ तो गजल व कविता मेरे सर के ऊपर से निकल जाते हैं‌ अपनी समझ अब तक सिर्फ टेम्पो के पिछले हिस्से में पायी जाने वाली तुकबंदी तक सीमित थी पर आपके और रतलामी जी के ब्लाग ने फिर से रूचि जगा दी है| साथ ही आपने जो मेरे ब्लाग की प्रशंसा की है उसके लिए तहेदिल से शुक्रिया , भाई हमारे ब्लाग ईतनी तारीफ के काबिल तो नहीं पर हौसलाअफजाई से लेखनी में दम बरकरार रहता है|Atul Arorahttp://www.blogger.com/profile/00089994381073710523noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-7363067.post-1090958365627012042004-07-28T01:29:00.000+05:302004-07-28T01:29:00.000+05:30भाई नीरव जी आप तो गद्य लेखन में भी धाकड़ हैं| दिल क...भाई नीरव जी<br />आप तो गद्य लेखन में भी धाकड़ हैं| दिल की बात कहूँ तो गजल व कविता मेरे सर के ऊपर से निकल जाते हैं‌ अपनी समझ अब तक सिर्फ टेम्पो के पिछले हिस्से में पायी जाने वाली तुकबंदी तक सीमित थी पर आपके और रतलामी जी के ब्लाग ने फिर से रूचि जगा दी है| साथ ही आपने जो मेरे ब्लाग की प्रशंसा की है उसके लिए तहेदिल से शुक्रिया , भाई हमारे ब्लाग ईतनी तारीफ के काबिल तो नहीं पर हौसलाअफजाई से लेखनी में दम बरकरार रहता है|Atul Arorahttp://www.blogger.com/profile/00089994381073710523noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-7363067.post-1089212490057689342004-07-07T20:31:00.000+05:302004-07-07T20:31:00.000+05:30शुक्र मनाइए। दक्षिण भारतीय शादियों में तो खाना भी ...शुक्र मनाइए। दक्षिण भारतीय शादियों में तो खाना भी कुछ खास नहीं होता।आलोकhttp://www.blogger.com/profile/03688535050126301425noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-7363067.post-1089044253493095012004-07-05T21:47:00.000+05:302004-07-05T21:47:00.000+05:30कभी खाने पीने का कोई ओलंपिक हुआ तो कम से कम हम उसम...कभी खाने पीने का कोई ओलंपिक हुआ तो कम से कम हम उसमें स्वर्ण पदक ला सकते हैं :).Shailhttp://www.blogger.com/profile/05576373810855503870noreply@blogger.comtag:blogger.com,1999:blog-7363067.post-1089032075196554812004-07-05T18:24:00.000+05:302004-07-05T18:24:00.000+05:30मान गए भई आपकी कलम की धार को नीरव जी। "चौडी मुखाकृ...मान गए भई आपकी कलम की धार को नीरव जी। "चौडी मुखाकृति, केशराशी मानो समुद्र की उफनती लहरों की अनुकृति", गद्य के साथ आप पद्य पर भी खासी पकड़ रखते हैं, जान पड़ता है।Debashishhttp://www.blogger.com/profile/05581506338446555105noreply@blogger.com